जिला-प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में धर्म गुरुओं ने कहा विशेषज्ञ आकर जांच करें, मुख्यमंत्री वीसी कांफ्रेंस में बोले लाउडस्पीकर का वॉलियम निर्धारित कर बताएं कि इतनी आवाज में बजाना है,एसपी विकाश शाहवाल बोले किसी धर्म विशेष के लिए नहीं है, सभी के ऊपर समान रूप से लागू है

जिला-प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में धर्म गुरुओं ने कहा विशेषज्ञ आकर जांच करें, मुख्यमंत्री वीसी कांफ्रेंस में  बोले लाउडस्पीकर का वॉलियम निर्धारित कर बताएं कि इतनी आवाज में बजाना है,एसपी विकाश शाहवाल   बोले किसी धर्म विशेष के लिए नहीं है, सभी के ऊपर समान रूप से लागू है

रायसेन।शुक्रवार को दोपहर बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा जिला एवं पुलिस प्रशासन रायसेन के अधिकारियों से वीसी में वन टू वन चर्चा की।इस काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

 डीजे, लाउडस्पीकर की तेज आवाज से हर किसी को होती है परेशानी-

एसपी विकाश शाहवाल ने कहा कि तेज आवाज में बजने वाले लाउड स्पीकर की पुलिस के पास बड़ी संख्या में शिकायतें आती हैं। इससे हर किसी को परेशानी होती है। विद्यार्थियों के पेपर चल रहे हैं।तो वह पढ़ नहीं पाते हैं। हार्ट के मरीज परेशान होते हैं।

रात में लाउडस्पीकर बजने की वजह से लोग सो नहीं पाते हैं। आप लोग खुद सोचिए कि ऊंची आवाज में लाउड स्पीकर बजने से आपको कितनी परेशानी होती है।

बैठक में यह दिए गए सुझाव....

कलेक्टर अरविंद दुबे, एसडीएम मुकेश सिंह ने कहा कि लाउड स्पीकर के जो मानक हैं, उस आवाज में लाउड स्पीकर बजाया जाता है तो पंडाल में आवाज आएगी। लेकिन इसके लिए लोगों को प्रशिक्षित करना पड़ेगा।

अनुमति की व्यवस्था उसके ही क्षेत्र में की जाए। सिलवानी गैरतगंज बरेली उदयपुरा के व्यक्ति को कलेक्ट्रेट कार्यालय भोपाल तक न भागना पड़े। इसके जवाब में कहा कि थाने पर व्यवस्था की जाएगी।

नियमित लाउड स्पीकर लगे हैं।उन पर नियम लागू नहीं होना चाहिए। सिर्फ आवाज में बदलाव किया जाए।अनावश्यक लोगों को परेशान न किया जाए।

दल गठित, राजस्व, पुलिस व प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी शामिल.....

तेज आवाज में लाउड स्पीकर व डीजे बजाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिले में आठ दल बनाए गए हैं। प्राधिकारी एसडीएम को बनाया गया है। जो कार्रवाई करने के लिए जाएंगे, उसमें तहसीलदार, पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी रहेंगे।

    सीएम डॉ मोहन यादव ने लाउडस्पीकर बजाने को लेकर जिला-प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने शुक्रवार को दोपहर बाद धर्म गुरुओं के साथ बैठक की। बैठक में धार्मिक स्थल व अन्य स्थलों पर बजने वाले लाउड स्पीकर व डीजे के नियमों की जानकारी दी।

जिला पुलिस अधीक्षक शाहवाल ने कहा कि नियम किसी धर्म विशेष के लिए नहीं है। सभी को इसका पालन करना है। इसको लेकर धर्म गुरुओं की ओर से सवाल किया गया कि एक विशेषज्ञ की टीम उनकें यहां भेजें। टीम बताकर जाए कि कितनी आवाज में लाउड स्पीकर बजाना है। वॉलियम कितना रखना है। साथ ही जो स्थायी लाउड स्पीकर लगे हैं, उनको अनुमति लेने से छूट दी जाए। इसकी जगह उनकी आवाज तय कर दी जाए। इस सवाल के जवाब में कहा गया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी यंत्र के साथ आएंगे और बताकर जाएंगे कितनी आवाज में बजाना है। इसके अलावा खुले में मांस व मछली के विक्रय पर लगाई रोक के बारे में बताया गया है। सभी निकाय क्षेत्रों में आगामी 15 दिवस तक अतिक्रमण निरोधी दस्ते, स्वास्थ्य अमले के अतिरिक्त जिला एवं पुलिस प्रशासन विशेष अभियान चलाएगा। यह अभियान 15 दिसम्बर से प्रारंभ होकर 31 दिसंबर तक निरंतर चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस में कहा कि पुलिस अधिकारी, राजस्व अधिकारी, नगर पालिका नगर परिषद के अधिकारियों के साथ प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के संयुक्त दल गठित किए गए हैं। यह दल शहर में नियमित रूप से भ्रमण करेंगे। धर्मगुरुओं एवं मैरिज गार्डन संचालकों के साथ ही डीजे संचालकों को भी शासन के नियमों से अवगत कराते हुए बिना अनुमति के और निर्धारित डेसिबल के बार में बताएंगे। जिन्हें भी ध्वनि विस्तारक यंत्रों की अनुमति चाहिए वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर अनुमति प्राप्त कर सकते हैं।बैठक में कलेक्टर दुबे व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शाहवाल मौजूद थे। सभी धर्मों के गुरु मौजूद थे। जिन्हें लाउड स्पीकर व खुले में मांस बेचने को लेकर लाए गए प्रतिबंध के नियम की जानकारी दी गई।