महंगाई का असर: दामों में बढ़ोतरी से किचन का बजट होने लगा प्रभावित एक महीने में बीस रुपए प्रति किलो तक बढ़े दालों के दाम, तेल में भी महंगाई का लगा तड़का

महंगाई का असर: दामों में बढ़ोतरी से किचन का बजट होने लगा प्रभावित एक महीने में बीस रुपए प्रति किलो तक बढ़े दालों के दाम, तेल में भी महंगाई का लगा तड़का

रायसेन।शहर में कुछ दिनों पहले ही गैस सिलेंडर के रेट 200 रुपए कम हुए हैं। लेकिन किराना सामान के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। जिस कारण किचन का बजट प्रभावित होने लगा है। एक माह में दालों के दाम 15 से 20 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए। वहीं तेल के दाम भी बढ़ गए। दाल और मसालों के भाव में आए दिन हो रही बढ़ोत्तरी से रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है। सोयाबीन तेल फुटकर में 90 से 95 और मूंगफली तेल 180 रुपए हो गया है। दिनोंदिन बढ़ती महंगाई से मध्यम वर्गीय और मजदूर तबके के परिवारों की थाली से दालें भी दूर होती जा रही हैं। किचिन का बजट मैनेज करते करते महिलाओं का तनाव बढऩे लगा है। सब्जियां महंगी होने से लोग एक समय दाल से काम चल रहा थे। पहले से ही महंगी चल रही दाल एक माह में 20 रुपए किलो और महंगी हो गई। जिसने महिलाओं की चिंता बढ़ा दी।

दालों के इस तरह बढ़े दाम.....

दाल बीते माह अभी

तुअर दाल 140-145 160-180

मूंग दाल छिलका 85-90 100

उड़द दाल 100 120

चना दाल 80 90

मसूर 80 100

इधर, मसाले भी हो रहे महंगे....

मसाले माह जुलाई अभी

जीरा 700 800

सौंफ 200-250 350-400

अजवाइन 200-240 350-400

लौंग। 250 300

इलाइची 2000 3000

काली मिर्च 700 900

दाल चीनी 220 300

(दाम रुपए प्रति किलो में)

महिलाएं बोलीं- महंगाई से बिगड़ रहा बजट....

टमाटर महंगे हुए तो उसके विकल्प अपना लिए। दाल का कोई विकल्प नहीं है। फिर भी सरकार दाल की बढ़ती कीमतों पर रोक नहीं लगा पा रही है। ऐसे में सिलेंडर पर 200 रुपए कम करने से क्या फायदा, इधर दाल तेल, मसालों के भाव बढ़ गए। आखिर इतनी महंगाई में इंसान क्या खाए और क्या बचाए।बबीता साहू गृहिणी गंजबाजार 

2 माह पहले 90 रुपए किलो की दाल अब 165 रुपए में मिल रही है। मध्यम वर्गीय मजदूर परिवारों का दाल ही सहारा था।वह भी पहुंच से बाहर हो रही है। बच्चे सब्जियां नहीं खाते। ऐसे में रोज शाम को यही चिंता का कारण बनने लगी है। तेजी से बढ़ती कमरतोड़ महंगाई में किचिन का बजट बिगड़ता ही जा रहा है।शशि देवी यादव, गृहिणी

व्यापारी बोले-दाम तेज होने से कम बुला रहे माल

जिले में दाल भोपाल नर्मदापुरम के पिपरिया और अन्य शहरों से थोक अनाज व दाल व्यापारी बुलाते हैं। जो किराना दुकानों से फुटकर में बिकती है। मप्र सहित अन्य राज्यों में इस साल अभी तक बारिश कम हुई है। इसका असर दलहन के उत्पादन पर पड़ेगा। इसलिए दाल के भाव बढ़ रहे हैं। तेजी के कारण व्यापारी दाल कम ही बुला रहे हैं।

गौरी शंकर राय किराना व्यापारी

करीब दो माह पहले 100 रुपए किलोग्राम दाल थी, तब होटल ढाबा में 70 रुपए प्लेट दाल दे रहे थे। अब भाव 165 रुपए तक पहुंच गए हैं। ऐसे में रेट बढ़ाना हमारी भी मजबूरी हो रहा है। जिससे लागत और कर्मचारियों का वेतन आदि खर्च निकाल सके। आलू भी 20और प्याज 30 रुपए किलो हो गए हैं।रमेश बाबू यादव, भोजनालय संचालक