साँची में बड़ी लापरवाही आई सामने:1800 घरों में दी जाने वाली सोलर किट डिब्बों में ही रखी है पैक,आखिर कब वितरित होंगी ,लोगों का बड़ा सवाल

साँची में बड़ी लापरवाही आई सामने:1800 घरों में दी जाने वाली सोलर किट डिब्बों में ही रखी है पैक,आखिर कब वितरित होंगी ,लोगों का बड़ा सवाल

रायसेन।

देश की पहली सोलर सिटी बनीं विश्व बौद्ध पर्यटन स्थली सांची में फिर से एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई है।जिससे अक्षय ऊर्जा विभाग में उथल पुथल मची हुई है।हालांकि रायसेन जिले की विश्व धरोहर सांची देश की पहली सोलर सिटी बन गई है। यहां पर सौर उर्जा से तीन मेगावॉट बिजली बनना भी शुरू हो गई है। 6 सितंबर को सोलर सिटी का लोकार्पण भी सीएम शिवराज सिंह चौहान स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी के हाथों हो गया है। लेकिन चार पांच दिन बाद भी न तो घर-घर में ऊर्जा दक्ष होम किट पहुंच पाई है और न ही 2 हजार विद्यार्थियों के हाथों में स्टडी लैंप पहुंचा है।

स्ट्रीट वेंडरों के लैंप रखे परिषद और तहसील दफ्तर के कबाड़ में.....

स्ट्रीट वेंडरों स्कूली बच्चों के पढ़ाई करने आए स्टडी लैंप नगर परिषद कार्यालय साँची के कबाड़ में डिब्बों में पैक रखे हुए हैं।यह

सड़क किनारे सब्जी बेचने वाले स्ट्रीट वेंडरों व अन्य प्रकार का छोटा व्यापार करने वाले दुकानदारों को भी स्टैंड लैंप नहीं बंट पाए हैं। यह सामग्री अब तक नगर परिषद कार्यालय साँची और तहसील में बक्सों में ही पैक रखी हुई है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी नगर के वार्डों में शिविर लगाकर उन्हें बंटवाने की बात तो कह रहे हैं। शहर में कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन में कमी लाने के उद्देश्य से प्रत्येक घर में सौर उर्जा से बिजली उत्पादन करने की दिशा में भी प्रयास हो रहे हैं।इसके लिए सांची के 1800 घरों में ऊर्जा दक्ष होम किट भी दी जाना है। इसमें एक 9 वॉट का बल्ब, 20 वॉट की एलईडी ट्यूब लाइट और बीएलडीसी सीलिंग फैन शामिल है। इस सामग्री का वितरण कब होगा, अभी यह नगर परिषद के अधिकारी तय नहीं कर पाए हैं। 

इनका कहना है....

शिविर में बांटेंगे सामग्री ....

वर्ल्ड बौद्ध टूरिस्ट सांची नगरी के 1800 घरों में ऊर्जा दक्ष होम किट दी जाना है।इसके लिए सूची बन चुकी है। दो-दो, तीन-तीन वार्ड में शिविर लगाकर यह सामग्री जल्द बंटवा दी जाएगी। स्कूली बच्चों के लिए स्टडी लैंप स्कूल में पहुंचाकर वितरित कराए जाएंगे। - पप्पू रेवाराम अहिरवार, अध्यक्ष नगर परिषद सांची 

2 हजार विद्यार्थियों को देना है स्टडी लैंप सांची शहर के स्कूलों में पढ़ने वाले करीब दो हजार छात्र-छात्राओं को स्टडी लैंप दिया जाना है, जबकि स्कूलों में बच्चों की संख्या इससे भी ज्यादा है। ऐसी स्थिति में सिर्फ दो हजार बच्चों का ही चयन करने के लिए जिम्मेदारों को मशक्कत करना पड़ रही है। संस्था प्राचार्य भी समझ नहीं पा रहे हैं कि किस छात्र को यह स्टैंड लैंप दें और किसको नहीं दें। इस कारण से भी स्टडी लैंप के वितरण में देरी हो रही है। 100 हाथ ठेला व्यवासियों को मिलेंगे स्टैंड लैंप सांची शहर में सड़क किनारे ठेला लगाकर अपना व्यवसाय करने वाले सब्जी, फल व अन्य प्रकार की दुकान लगाने वाले करीब 100 लोगों को स्टैंड लैंप देने का भी लक्ष्य रखा गया है। यह सामग्री भी आ चुकी है। वह भी नगर परिषद कार्यालय में ही रखी हुई है। सोलर सिटी के उद्घाटन के चार दिन बाद भी यह सामग्री नगर परिषद बांट नहीं पाई है।

तहलका न्यूज़ चैनल रायसेन के लिए जिला ब्यूरो प्रमुख शिवलाल यादव की ग्राउण्ड रिपोर्ट.....