पहले 120 दिन थी समय सीमा करदाता खुद भी कर सकते हैं वैरिफाई,आरटीआइ वेरिफाई कराना जरूरी

पहले 120 दिन थी समय सीमा करदाता खुद भी कर सकते हैं वैरिफाई,आरटीआइ वेरिफाई कराना जरूरी

रायसेन।आयकर नियमों के मुताबिक आइटीआर फाइल करने के बाद उसे वैरिफाई करने के लिए 30 दिन का समय करदाता को मिलता है। इस दौरान आइटीआर वैरिफाई करना जरूरी होता है। जिन करदाताओं ने 31 जुलाई को आइटीआर फाइल किया है, उन्हें 31 अगस्त से पहले आइटीआर को ई-वेरीफाई करना होगा। ऐसा नहीं होने पर फिर से आइटीआर फाइल करना होगा।जिसे बिलेटेड आइटीआर कहा जाता है। वहीं अभी तक रिटर्न को वैरिफाई करने की समय सीमा 120 दिन हुआ करती थी।परंतु इस वर्ष ये 30 दिन है।

      जिला आयकर विभाग रायसेन के फाइनेंशियल ईयर 2022-23 और एसेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। ऐसे में आयकर विभाग आइटीआर फाइल कर चुके लोगों के मोबाइल पर मैसेज भेजकर आग्रह कर रहा है कि वह तय समय यानी रिटर्न दाखिल करने के 30 दिन के भीतर अपना आइटीआर सत्यापित जरूर कर लें। ऐसा नहीं करने पर आइटीआर अमान्य माना जाएगा।

....तो जुर्माना हो सकता है 5 हजार.....

आयकर नियमों के मुताबिक वैरिफाई नहीं किए गए आइटीआर को अमान्य मान लिया जाता है। ऐसे में आइटीआर फाइल करना बेकार हो जाता है। ऐसी स्थिति में करदाता को बिलेटेड आइटीआर फाइल करना होता है, जिसके लिए 5000 रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आइटीआर को ई-वेरिफाई कराना आवश्यक हो जाता है। कर सलाहकार राहुल ने बताया कि आइटीआर वैरिफाई करने का मतलब होता है कि करदाता इस बात की पुष्टि कर रहा है कि आय से संबंधित या अन्य दिए गए सभी ब्यौरे पूरी तरह से सही हैं। आइटीआर वेरिफाई होने के बाद ही आयकर विभाग इसके आगे की प्रक्रिया पूरी करता है।

करदाता आयकर विभाग के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर लॉगइन करें....

 @ई-वैरिफाई विकल्प पर क्लिक करने के बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर मिलने वाले ओटीपी के जरिए ई-वैरिफिकेशन कर सकते हैं।

@ करदाता बैंक अकाउंट जेनरेटेड ईवीसी के माध्यम से भी आइटीआर वेरिफाई कर सकते हैं।

@ डीमेट अकाउंट की मदद से ईवीसी के जरिए भी ई-वैरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

@एटीएम से ईवीसी के जरिए भी करदाता आइटीआर वेरिफाई कर सकते हैं।

@ करदाता नेट बैंकिंग की मदद से भी आइटीआर को वेरिफाई कर सकते हैं।

@ डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट के जरिए भी आइटीआर का ई-वेरिफिकेशन किया जा सकता है।