रायसेन में भी तेजी से बढ़ रहा आई फ्लू:जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पिछले 5 दिन में 5 हजार से ज्यादा मरीज आंखों का इलाज कराने आए

रायसेन में  भी तेजी से बढ़ रहा आई फ्लू:जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पिछले 5 दिन में 5 हजार से ज्यादा  मरीज आंखों का इलाज कराने आए

रायसेन।कभी अखियां मिलाऊँ..... कभी अँखियाँ चुराऊ क्या तूने किया जादू।इन दिनों इस फिल्मी गीत का जुमला आई फ्लू के संक्रमण की वजह से आम हो गया है।रायसेन जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में इन दिनों आई फ्लू, आंख आना या आई कंजक्टिवाइटिस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। स्कूलों में भी पिंक फ्लू का प्रकोप पांव पसार रही है।स्कूल प्रबंधन ने प्रभावित बच्चों के अभिभावकों को यह सख्त हिदायत दी है कि ऐसे बच्चों को स्कूल बिल्कुल नहीं भेजें।

आलम यह है कि बीते 5 दिनों के दौरान जिला चिकित्सालय स्थित नेत्र रोग विभाग में 500 से अधिक मरीजों ने आई फ्लू की जांच कराई। जांच के बाद दवा दी और बचाव की सलाह दी गई।नेत्र रोग विशेषज्ञ और जिला अंधत्व निवारण अधिकारी डॉ. शरद श्साहू ने बताया कि आंख में जलन या खुजली हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आंख को न रगडे़, आंखों में कोई आई ड्रॉप डालने से पूर्व हाथों को अच्छे से धो लें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खत्री ,सिविल सर्जन डॉ अनिल ओड ने जारी एडवायजरी में कहा है कि डाक्टर की सलाह के बगैर कोई दवा आंख में न डाले। आंखों में इन्फेक्शन होने पर घर पर ही रहे। बच्चों को स्कूल नहीं भेजे।सिविल सर्जन डॉ. ओढ़ नेत्र रोग स्पेशलिस्ट डॉ शरद साहू ने बताया कि मानसून सीजन में आंखों में संक्रमण का खतरा लगातार बना रहता है। इसकी वजह हवा में नमी इसमें बैक्टीरिया, वायरस आसानी से रिप्लीकेट होते है। इससे बचाव के लिए जब भी बाहर जाए चश्मा लगाए रखें अपनी तौलिया और कपड़े किसी से शेयर न करें। ठंडे पानी से आंखों को दिन में दो बार धोए।उन्होंने बताया कि यह एक वायरल कंजक्टिवाइटिस है। आंखों के चिकित्सक को दिखाकर उनके द्वारा बताया गया उपचार लें।