भगवान भोलेनाथ को कैद से आजाद कराने की मांग:सड़क पर उतरे साधु-संत और हिंदूवादी संगठन; कहा-सवा महीने में खुलवाए सोमेश्वर महादेव मंदिर किले के ताले

भगवान भोलेनाथ को कैद से आजाद कराने की मांग:सड़क पर उतरे साधु-संत और हिंदूवादी  संगठन; कहा-सवा महीने में खुलवाए सोमेश्वर महादेव  मंदिर किले के ताले

रायसेन।हिंदू सनातन समाज और साधु संत किले पर स्थित प्राचीन सोमेश्वर महादेव मंदिर के ताले खुलवाने की मांग कर रहे हैं।इसी सिलसिले में पवित्र सावन के तीसरे सावन सोमवार 

मध्यप्रदेश के रायसेन में किले पर स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर के ताले खोलने की मांग एक बार फिर तेज हो गई। इसे लेकर सनातन हिंदू समाज और साधु-संतों ने बड़ा प्रदर्शन किया।साधु संत सड़कोंपर उतरे व जिला व पुलिस प्रशासन को चेताया कि सवा महीने के अंदर सोमेश्वर महादेव मंदिर के ताले नहीं खोले गए तो सनातन हिन्दू और संत समाज अपने हाथों से मंदिर के ताले खोलेगा।

धर्मसभा में हिंदूवादी संगठनों सहित साधु समाज किले पहाड़ी स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर के ताले खोलने की मांग को लेकर हिंदू सनातन समाज के आह्वान पर एक बड़ी धर्म सभा हुई। जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे। सभा को लेकर पहले से तैयारियां की जा रही थीं। शहर में पंपलेट बांटे गए थे। पीले चावल देकर लोगों को आमंत्रण भी दिया गया था। सभी लोगों ने सोमेश्वर महादेव को कैद से मुक्त कराने की मांग को लेकर एसडीएम मुकेश कुमार सिंह को ज्ञापन भी सौंपा।

हिंदू सनातन समाज के आह्वान पर एक धर्म सभा का आयोजन किया गया। इसमें कई लोग जुटे।

हिंदू सनातन समाज के आह्वान पर धर्मसभा में लोगों ने अपने मुद्दे की बात रखी।

आंदोलनकारी चाहते हैं कि सरकार तक पहुंचे बात......

रायसेन के एडिशनल एसपी अमृत मीणा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपा है। फिर भी सुरक्षा के लिहाज से पुलिस के करीब 200 जवान चप्पे चप्पे पर तैनात किए गए थे। भोपाल से भी पुलिस फोर्स बुलवाई गई थी। चूंकि मामला पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग और केंद्र सरकार के अधीन है।, ऐसे में आंदोलनकारी भी चाहते हैं कि उनकी बात सरकार तक पहुंचे, जिसका हम पूरा प्रयास करेंगे।

साधु-संतों ने हिंदू समाज के लोगों के साथ मिलकर एसडीएम मुकेश कुमार को ज्ञापन सौंपा.......

साधु-संतों ने हिंदू समाज के लोगों के साथ मिलकर एसडीएम मुकेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा।

हिन्दू संगठनों और साधु-संतों ने केंद्रीय पुरात्व विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द सोमेश्वर धाम के ताले खोले जाए और वहां पर पूजा-पाठ शुरू कराई जाए।धर्मसभा में कई लोग जुटे थे। साधु-संतों ने प्रशासन को सवा महीने का अल्टीमेटम दिया है।

धर्मसभा में कई लोग जुटे थे। साधु-संतों ने प्रशासन को सवा महीने का अल्टीमेटम दिया है।

पंडित प्रदीप ने शिवराज सरकार पर कसा था तंज......

पिछले साल रायसेन के दशहरा ग्राउंड में शिवमहापुराण की कथा चल रही थी। इस दौरान सीहोर के सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने रायसेन किले के मंदिर को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्रीशिवराज सिंह चौहान पर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज हैं और उनके राज्य में शिव कैद में ताले में।हैं, तो यह शिवराज्य किसी काम का नहीं है। धिक्कार है रायसेन वालों… शिव मंदिर में ताला डला है और तुम होली दिवाली मना रहे हो।गूंजा पपड़ी खाकर खुशी मनाते हैं। शंकर के मंदिर में ताला है। तुम लड्डू खा रहे हो। अरे.. आसपास कोई तालाब हो तो चुल्लू भर पानी भरकर ले आओ ...और उस चुल्लू भर पानी में डूब मरो।लानत है तुम पर।

रायसेन स्थित किले पर सोमश्वर महादेव धाम है। यहां पर लगे ताले को खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही है.....

रायसेन स्थित किले पर सोमश्वर महादेव धाम है। यहां पर लगे ताले को खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही है।तब बीजेपी की फायर ब्रांड नेता साध्वी उमा भारती गंगाजल लेकर पहुंची थीं धाम।शिवकथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के इस बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती गंगोत्री से लाया गया गंगाजल सोमेश्वर महादेव मंदिर धाम लेकर पहुंची थीं। उन्होंने गेट के वबाहर से ही पूजा अर्चना कर संकल्प लिया था। जब तक इस शिव मंदिर के ताले नहीं खुल जाते तब तक अन्न का त्याग करेगी।

यह तस्वीर उस समय की हैं जब पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सोमेश्वर धाम पहुंचकर मंदिर के बाहर से ही जल चढ़ाया था।

महाशिवरात्रि पर्व पर ही खुलते ही सोमेश्वर महादेव मंदिर के पट...

सोमेश्वर धाम का शिव मंदिर किले का बमध्यप्रदेश का एक ऐसा मंदिर है, जो साल भर तो बंद रहता है।लेकिन महाशिवरात्रि के दिन मंदिर के पट भक्तों के लिए खुल जाते हैं। मंदिर का इतिहास जितना पुराना है, उतना ही पुराना मंदिर से जुड़ा विवाद भी है। मंदिर के ताले साल में 12 घंटे के लिए महाशिवरात्रि पर खोले जाते हैं।

सुबह 5 बजे से शाम 5 बजे तक प्रशासन की निगरानी में भक्त महादेव का अभिषेक करते हैं। तहखाने के ऊपर 32 खंभों पर टिका शिव मंदिर आज भी इतिहास को समेटे है। मंदिर 10वीं-11वीं शताब्दी का है। जो आज भी उसी रूप में स्थापित है।