अब सब्जियों पर भी महंगाई डायन की मार ,लोगों की जेबों पर पड़ रही भारी, टमाटर 100 रुपए पार, धनिया 40-50 रुपए किलो फुटकर में बिक रहा

रायसेन।रायसेन शहर के फुटकर सब्जी बाजार में महंगाई डायन की मार से मध्यम वर्ग और गरीब सुनकर हैरान परेशान हैं।इन दिनों टमाटर ने अमूमन हर घर का ही बजट बिगाड़ दिया है। क्योंकि कुछ दिन पहले तक 10 से 15 रुपए किलो बिकने वाले टमाटर के दाम अब आसमान पर पहुंच गए हैं। एक किलो टमाटर 80 से 100 रुपए किलो व उससे अधिक में भी बिक रहा है। इसके अलावा दूसरी हरी सब्जियों की कीमत में काफी उछाल आया है। यह स्थिति बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम होने से बनी है।

हालांकि दुकानदारों का मानना है कि जैसे ही आवक बढ़ेगी, तो फिर से सब्जियां अपने सामान्य भाव पर पहुंच जाएंगीं। दरअसल, बारिश का असर हरी सब्जियों के दाम पर दिख रहा है।फुटकर सब्जी दुकानदार सेठ प्रमोद कुशवाहा, राहुल कुशवाहा मूलचंद कुशवाहा ने बताया कि बारिश की वजह से ग्रामीण इलाकों से सब्जियां शहर की मंडी में नहीं पहुंच पा रहीं हैं। ज्यादातर सब्जियों को राजधानी भोपाल विदिशा सहित बाहर के जिलों से लाया जाता है। ऐसे में सब्जियों के दाम में तेजी आने पर व्यापारी बाहर से लाए माल को ओर ज्यादा दाम पर बेचते हैं।

बीते 3 सालों में भी दिखा बारिश में टमाटर के दाम बढ़ने का ट्रेंड.....

थोक सब्जी मंडी के व्यापारियों तूफान यादव गुड्डू राइन राजेश पंथी पहलवान के अनुसार बीते तीन सालों में भी बारिश में टमाटर के दामों में बढ़ोतरी का ट्रेंड दिखा है। पिछले साल यानी 2022 के जून महीने में टमाटर के दाम 60-70 रुपए किलो तक पहुंच गए थे। इससे पहले 2021 में दाम 100 रुपए और 2020 में दाम 70-80 रुपए प्रति किलो के करीब पहुंच गए थे। सब्जी के थोक व्यापारियों का मानना है कि बिपरजॉय साइक्लोन की वजह से भी टमाटर का उत्पादन प्रभावित हुआ है।

गुजरात और महाराष्ट्र टमाटर का उत्पादन करने वाले टॉप राज्यों में शामिल है ।जहां बिपरजॉय का असर दिखा। साइक्लोन की वजह से गुजरात में टमाटर उत्पादन प्रभावित होने का असर कीमतों के बढ़ने के रूप में सामने आया। 10 से 15 दिनों पहले जो धनिया 40-50 रुपए किलो के हिसाब से बिक रहा था वो अब 150-170 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। वहीं गिलकी के दाम 40 से 45 रुपए किलोग्राम तक पहुंच गए हैं।

एक महीने तक रेट कम नहीं होंगे ...

सब्जी मंडी के थोक व्यापारी कालूराम खत्री ने बताया कि अपने क्षेत्र में टमाटर इन दिनों कर्नाटक से आ रहा है। लोकल का टमाटर नहीं आ रहा है। लोकल से सिर्फ कुछ चुनिंदा सब्जी आ रही हैं। बाहर से आने वाले टमाटर के रेट बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि टमाटर के दामों में अगले एक महीने तक कमी नहीं आने का अनुमान है।